इबादत क्या है
इबादत क्या है
इबादत यानी झुक जाना उस शख़्स का जो अपने वुजूद व अमल में मुस्तक़िल न हो उस की ज़ात के सामने जो अपने वुजूद व अमल में इस्तिक़लाल रखता हो।
यह व्याख्या बयान करती है कि सारी कायनात में ख़ुदा के अलावा कोई चीज़ इस्तिक़लाल नही रखती केवल ईश्वर की जा़त ख़ुदा मुस्तक़िल एवं पूर्ण है और अक़्ल का तक़ाज़ा है कि हर दोषपूर्ण को पूर्ण की ताज़ीम करना चाहिये चूं कि ख़ुदा वंदे आलम कामिल और अकमल ज़ात है बल्कि ख़ालिक़े कमाल है लिहाज़ा उस ज़ात के सामने झुकाव व ताज़ीम व तकरीम मेयारे अक़्ल के मुताबिक़ है।
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