isis पर अमरीकी हमला विशेष लोगों को बचाने के लिएः अमरीकी पत्रकार

विश्व प्रसिद्ध समाचार पत्र इंडिपेन्डेंट में वरिष्ठ अमरीकी टीकाकार राबर्ट फिस्ट ने अमरीका खास अल्पसंख्यकों को बचा रहा है मुसलमानों को नहीं शीर्षक के तहत एक आलेख छपा हैं जिसमें उन्होंने अमरीका के दोहरे व्यवहार पर कड़ी टिप्पणी की है।

फिस्क का कहना है कि उस समय ओबामा ने कुछ नहीं किया जब अबू बक्र अलबगदादी की कमान में आईएसआईएस इराकी शीओं का जनंसहार कर रहा था किंतु यज़ीदियों और ईसाइयों के जनंसहार के भय से वह उनकी मदद के लिए दौड़ पड़े।

राबर्ट फिस्क ने लिखा है कि ओबामा को अपने मित्र, सऊदी अरब के बारे में भी कुछ याद नहीं है जहां के सलफियों ने इराक, अफगानिस्तान और सीरिया में हथियार बंद चरमपंथियों को प्रेरणा और धन दिया है।

इस अमरीकी विश्लेषक ने अपने आलेख में लिखा है कि सऊदी अरब और उनके बनाए हुए इन बर्बर चरमपंथियों के मध्य जिन्हें आज अमरीका निशाना बना रहा है, दीवार ऊंची और अनदेखी होनी चाहिए।

इस अमरीकी विश्लेषक ने अपना लेख इस प्रश्न के साथ ख़त्म किया है कि क्या अमरीकी उस समय भी यही करते अगर उत्तरी इराक में पहाड़ों पर शरण लेने वाले फिलिस्तीनी होते?

इसी अमरीकी विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता मैरी हार्फ ने कहा है कि  आईएसआईएस के विरुद्ध कार्यवाही के लिए ईरान के साथ सहयोग नहीं  कर रहे हैं।

मैरी हार्फ ने इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कि क्या अमरीका इराक  में आईएसआईएस के विरुद्ध कार्यवाही विशेषकर ज़मीनी कार्यवाही में ईरान का सहयोग ले रहा है? कहा कि नहीं हम ईरान के साथ आईएसआईएस के विरुद्ध कार्यवाही में सहयोग नहीं कर रहे हैं ।

उन्होंने इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कि क्या अमरीका यह चाहता है कि ईरान हवाई हमले करे, कहा कि इराकी सरकार ने हम से इस संदर्भ में मदद की मांग की है।

याद रहे कुछ इस प्रकार की रिपोर्टें भी आयी थीं कि इराक ने अमरीका से कहा था कि यदि वह आईएसआईएस के विरुद्ध हवाई आक्रमण नहीं करता तो बगदाद, ईरान से वायु आक्रमण करने की अपील करेगा किंतु इस रिपोर्ट की ईरानी सरकार ने पुष्टि नहीं की है।

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