वहाबी मुफ़्ती की टूटी नींद, isis को बताया इस्लाम का दुश्मन!!

अब जबकि आतंकवादी गुट आईएसआईएल ने फ़ार्स की खाड़ी की सीमाओं के निकट पहुंचकर इन देशों पर व्यापक आक्रमण की धमकियां देनी आरंभ कर दी तो ऐसे में सऊदी अरब के दरबारी मुफ़्तियों ने कहना आरंभ किया कि जेहाद का नाम बदनाम किया जा रहा है।

सऊदी मुफ़्ती अब्दुल अज़ीज़ आले शैख़ ने शुक्रवार की नमाज़ में कहा है कि धर्म का लक्ष्य, लोगों के जीवन की सुरक्षा करना, रक्तपात को रोकना और शांति स्थापित करना है।  आले शैख़ ने युवाओं से अपील की है कि वे हत्या के लिए उकसाने वालों के प्रभाव में न आएं।

उन्होंने कहा है कि इस्लाम का दावा करने वाले चरमपंथी संगठनों का उद्देश्य, धरती पर अराजकता फैलाना है और वह दरअस्ल विश्व शक्तियों की खुफिया एजेन्सियों के पिटठू हैं।

उन्होंने कहा कि इस्लामी शरीअत ने किसी भी मुसलमान के खून बहाने को हराम कहा है और इस्लाम ने गैर मुस्लिमों के साथ अच्छी तरह से व्यवहार करने को कहा है और जो लोग अपने अपराधों से इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं वह हराम काम कर रहे हैं।

सऊदी अरब के वरिष्ठ धर्मगुरु और मुफ्ती ने शुक्रवार को जुमा की नमाज़ के भाषण में कहा कि जो लोग इस बुरी तरह से मुसलमानों की हत्या कर रहे हैं और इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं वह वास्तव में बड़ी ताक़तों की खुफिया एजेन्सियों के एजेन्ट हैं और इस्लाम से उनका कोई लेना देना नहीं है और हर सच्चा मुसलमान उनकी हरकतों को अस्वीकार करता है।

सऊदी अरब के सरकारी मुफ्ती शेख अब्दुलअज़ीज़ आले शेख ने यह लोग यह समझते हैं कि वह जो कर रहे हैं वह जेहाद है किंतु वास्तव में वह जो कर रहे हैं वह अत्याचार और पाप है और उसे जेहाद नहीं कहा जा सकता।

सऊदी अरब के इन सरकारी मुफ़्ती महोदय ने, जिन्होंने सीरिया में युद्ध करने के लिए युवाओं को उकसाते हुए उनसे युद्ध में भाग लेने का फ़त्वा दिया था, अपने जुमे के ख़ुत्बे में कहा है कि लोगों की हत्या करना महापाप है।  उन्होंने बताया है कि अकारण लोगों की हत्या करना हराम है। सऊदी मुफ़्ती अब्दुल अज़ीज़ आले शैख़ ने कहा है कि पवित्र क़ुरआन और पैग़म्बरे इस्लाम (स) के कथनों में हत्या जैसे कृत्य को महापाप बताया गया है।  उन्होंने सऊदी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा है कि हे इस्लाम के युवाओ! अपने भीतर ईश्वरीय भय उत्पन्न कीजिए और इस प्रकार के लोगों का साथ देने से बचिए क्योंकि उसमे कोई भलाई नहीं है।  वास्तव में वे आपके और आपके धर्म के शत्रु हैं।

अब्दुल अज़ीज़ आले शैख़ ने कहा कि आईएसआईएल के कार्य शैतानी और पथभ्रष्ट करने वाले हैं।  उन्होंने अंत में ईश्वर से प्रार्थना की कि इस्लामी देशों को ऐसे लोगों से सुरक्षित रखे।

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