विश्व क़ुद्स दिवस पूरे उत्साह के साथ भाग लें
सालों से फ़िलिस्तीन के पीड़ित मुसलमानों पर इस्राईली ज़ायोनियों के अत्याचार जारी हैं और उनका जनसंहार किया जा रहा है और यह सब इस्राईल की अतिक्रमणकारी नीतियों का नतीजा है।
इस्राईल ने जब से मध्य पूर्व में अपने अस्तित्व का ऐलान किया है तभी से उनसे पश्चिम की सरपरस्ती में लगातार मुसलमानों विशेषकर फ़िलिस्तीनियों का दमन किया है। आरम्भ में तो इस्राईल के विरुद्ध अधिकतर अरब देशों ने मोर्चा खोला यहां तक कि इस्राईल से युद्ध भी किया लेकिन धीरे धीरे यह अतीत की बात बनती चली गई और आज अधिकतर अरब देशों के इस्राईल के साथ अच्छे संबंध हैं और सऊदी अरब जैसे देश तो अपने देश में इस्राईल के दूतावास को खोले जाने के बारे में भी बातचीत कर रहे हैं, और उन्होंने इस्राईल की दमनकारी नीतियों और रोज़ के अत्याचारों से तंग आए फ़िलिस्तीनियों के जवाब को तो अब आतंकवादी कार्यवाही तक कहना शुरु कर दिया है बात यहां तक बढ़ गई है कि फ़िलिस्तीन के एक बड़े धर्मगुरु को यह कहना पड़ा कि सऊदी अरब और दूसरे अरब देशों ने फ़िलिस्तीन को इस्राईल के हाथों बेचने के बाद हमको भुला दिया है और अगर ईरान न होता तो हमको कोई पूछने वाला न होता।
एक तरफ़ यहां मुसलमानों ने फ़िलिस्तीन के मसले और उसकी आजादी को भुला दिया था वहीं दूसरी तरफ़ इमाम ख़ुमैनी जैसे अल्लाह के बंदे उठते हैं और रमज़ानुल मुबारक के अंतिम शुक्रवार को विश्व क़ुद्स दिवस का ऐलान किया जाता है और इस प्रकार बताया जाता है कि अत्याचारी अतिक्रमणकारी और जालिम को याद रखना चाहिये कि आज भी विश्व की एक बहुत बड़ी आबादी फ़िलिस्तीन के मज़लूम मुसलमानों के साथ है बल्कि अगर कहा जाए कि कुछ अरब देशों के सत्ताधारियों को अगर छोड़ दिया जाए तो आज भी सारी इस्लामिक दुनिया फ़िलिस्तीन के साथ खड़ी है और उन सभी मुसलमानों की भावनाएं मस्जिदुल अक़सा और फ़िलिस्तीन की आज़ादी से जुड़ी हुई हैं।
विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर हर मुसलमान का यह दायित्व है कि वह सड़कों पर निकले और इस्राईल मुर्दाबाद और हम क़ुद्स को आज़ाद कहा कह रहेंगे जैसे नारे लगा कर फ़िलिस्तीनी मुसलमानों के साथ और ज़ुल्म के विरुद्ध होने का सुबुत दें,
वरिष्ठ धर्म गुरू आयतुल्लाह नासिर मकारिम शीराज़ी ने इस बात बल दिया है कि समस्त लोगों को विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व क़ुद्स दिवस पर गगन भेदी नारे लगने चाहिए और यह नहीं भूलना चाहिए कि मुसलमानों के पहले क़िब्ले पर क़ब्ज़ा हो गया है और उसे मुसलमानों को शीघ्र वापस किया जाना चाहिए।
आयतुल्लाह हुसैन नूरी हमदानी ने अपने एक बयान में विश्व के समस्त मुसलमानों और स्वतंत्रता प्रेमियों से विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियों में व्यापक स्तर पर भाग लेने की अपील की है।
आयतुल्लाह जाफ़र सुबहानी ने भी विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियों में जनता से व्यापक स्तर पर भाग लेने की अपनी करते हुए कहा कि पवित्र रमज़ान के अंतिम शुक्रवार को दुनिया के समस्त मुसलमानों को फ़िलिस्तीनी जनता से समर्थन के लिए निकलना चाहिए ताकि अत्याचारी ज़ायोनी शासन अपने अंत को पहचाने और बैतुल मुक़द्दस स्वतंत्र हो जाए।
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