फ़्रांस में इस्लाम विरोधी कार्यवाहियों में आई तेज़ी
फ़्रांस के मानवाधिकार परामर्श आयोग सीएनसीडीएच ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में वर्ष 2015 में इस देश में इस्लाम विरोधी कार्यवाहियों में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
नस्लभेद और अन्य मामलों से भयभीत करने से संघर्ष के मामले में इस आयोग की वार्षिक रिपोर्ट में आया है कि फ़्रांस के गृहमंत्रालय द्वारा पेश किए गये आकड़ों से पता चलता है कि इस देश में नस्लभेदी कार्यवाहियों और अपराधों में वृद्धि हो रही है। मानवाधिकार परामर्श आयोग की रिपोर्ट इस बात की सूचक है कि इस संबंध में वर्ष 2014 में 1662 मामले दर्ज किए गये जबकि वर्ष 2015 में 2034 मामले दर्ज किए गये।
इस रिपोर्ट में आया है कि इस्लाम विरोधी कार्यवाहियों में 223 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और वर्ष 2014 में 133 मामले दर्ज किए गये जबकि वर्ष 2015 में 429 मामलों के साथ इसमें तीन गुना वृद्धि हुई।
इस आयोग की ओर से जारी की गयी रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़े पुलिस में दर्ज किए गये मामलों को आधार बना कर पेश किये गये हैं जबकि दर्जनों ऐसे मामले होंगे जिनको लोगों ने भय या सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने के भय से दर्ज ही न कराया होगा।
इससे पहले फ़्रांस के गृहमंत्री बर्नार काज़ोनो ने वर्ष 2015 में देश में इस्लामोफ़ोबिया की कार्यवाही में वृद्धि की सूचना दी थी। 13 नवंबर वर्ष 2015 में पेरिस में हुए आतंकी हमलों के बाद जिसमें 132 लोग मारे गये और दाइश के आतंकियों ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार की, फ़्रांस में मुसलमानों के विरुद्ध हमला और इस्लाम विरोधी कार्यवाहियों में विरुद्ध हो गयी।
फ़्रांस में मुसलमानों के विरुद्ध जारी कार्यवाहियों के कारण संयुक्त राष्ट्र संघ की नस्लभेद विरोधी समिति सहित मानवाधिकार की संस्थाओं ने इस देश की कड़ी आलोचना की है। इस प्रकार से कि इस समिति ने कुछ समय पहले फ़्रांस में नस्लभेद की स्थिति को ख़तरनाक बताया था। इसी प्रकार यूरोपीय परिषद के टीकाकारों ने भी हालिया रिपोर्ट में फ़्रांस में इस्लामोफोबिया में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की थी।
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