इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम का संक्षिप्त परिचय

इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम का संक्षिप्त परिचय

ज़रत इमाम बाक़िर (अ) आप इमाम ज़ैनुल अबेदीन (अ) के पुत्र. आपकी पवित्रता व सम्मानिता माता हज़रत फातिमा इमाम हसने मुज़्तबा (अ)-की पुत्री थी, इमाम बाक़िर (अ) प्रथम रजब जुमअ के दिन, और कुछ वर्णण के मुताबिक़ तीन सफ़र सोमवार सन 57 हिजरी शहरे मदीना मुनव्वरह में क़दम रखा. और 7 ज़िलहिज्ज सोमवार सन 114 हिजरी ज़हर मध्ययम मसमुम। (20) हो कर शहीद हो गये।

शहादत के समय आपकी उम्र मुबारक मात्र 57 साल के थे. आपकी क़बरस्तान जन्नतूल बक़ी पिता और चाचा के निकट दफ़न किए गये।

आपकी बहुत सारे किरामतें है जिस में से दियानत, बुर्दबारी, सदाचार खैरात, व ईबादत, फुरुतनी खुज़ु व खुशू है।

आपकी सदाचार चरीत्रों में कहा जाता है कि एक दिन एक इसाई ने आप से कहा आप बाक़्र है अर्थात (तुम गाउ हो) आपने फरमायाः ना मैं बाक़िर हूं, यानी उलूम को चिरने वाला हूँ। वह व्यक्ति कहा आप खाना पकाने वाली महिला कि पुत्र है? आपने फरमायाः यह उस की कथा है. वह व्यक्ति कहाः तुम फलां बदाचरण काली महिला की बेटा हो? आपने फरमायाः अगर तुम सठिक कह रहे हो, तो अल्लाह फलां महिला को क्षमा कर देंदा और झूट बोलते हो, खुदा तुम को क्षमा कर दे।

हज़रत इमाम बाक़िर (अ) के यह खुश आचरण से वह इसाई व्यक्ति तुरतं मुस्लमान हो गया।

इमाम बाक़िर (अ) इल्म में आपने पिता की तरह थें कि प्रत्येक प्रश्न का उत्तर तुरतं दिया करते थे।

इब्ने अता मक्की बयान करते हेः कि बहुत सारे उलामाए बुर्ज़ग आपकी पवित्र सेवा में जाके बच्चे की तरह बैठा करते थें और इस तरह ख़ुज़ू व ख़ुशू से बैठा करते थें कि मैं किसी एक को इस प्रकार देखा नहीं हुँ।

हकम बिन अक़बा, जो जनता के दर्मियाम एक आलिमें बुर्ज़रगवार थे। लेकिन इमाम बाक़िर (अ) के पवित्र ख़िदमत में एक बच्चे की तरह बैठा करता था।

मोहम्मद इब्ने मुस्लिम फरमाते हैः कि जिस समय कोई प्रश्न अता था तो मैं इमाम बाक़िर (अ) से पूछा करता था तक़रीबन तीस हज़ार के क़रीब आप से प्रश्न पूछा हुँ।

इमाम बाक़िर (अ) सब समय अल्लाह के शरण में मशगूल रहते थे, आपके पुत्र इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) फ़रमाते हैः ((जब मैं उनके निकट था. हमारे पिता हर एक समय अल्लाह की याद करते थे, अगरछे जनता के साथ विभिन्न प्रकार की बातों में मश्गूल रहते थे लेकिन अल्लाह को याद से गाफिल नहां होते थें। और परायणता, पारेसा परहज़गारी में हर एक समय आपकी आँखों से आँसू निकलता था।

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