विलायते फ़क़ीह क्या है?
विलायते फ़क़ीह क्या है?
बुशरा अलवी
विलायते मुतलक़ फ़क़ीह (फ़क़ीह की निरपेक्ष हुकूमत) यानी वह व्यक्ति जो इस्लाम की निगाह में हुकूमत चलाने की योग्यता रखता हो और उसकी शर्तों को पूरा करता हो, वह इल्म, तक़वा (सदाचार एवं परहेज़गारी) सामुदायिक प्रबंधन और एक समाज को चलाने में एक मासूम से सबसे अधिक समानता रखता हो और वह हुकूमत का गठन करे, ऐसे व्यक्ति के पास समुदायिक प्रबंधन या एक समाज को चलाने के लिये हर वह पावर और विकल्प होंगे जो एक मासूम के पास होते हैं। और कोई भी क़ानून उनकी अनुमति के बिना वैध नहीं होगा और किसी को भी उसकी इजाज़त के बिना क़ानून जारी करने का अख़्तियार न होगा और एक हुकूमत का हर कार्य उसकी देखरेख में अंजाम पाएगा।
विलायते फ़क़ीह की सीमा किस हद तक है इसके बारे में फ़ोकहा और मराजे तक़लीद के बीच अलग अलग मत पाए जाते हैं कुछ फोक़हा का मानना है कि फ़क़ीह केवल आवश्यक कार्यों और धार्मिक मामलों में विलायत का हक़ रखता है लेकिन कुछ दूसरे फ़ोक़हा का मानना है कि फ़क़ीह की विलायत की सीमा इससे कहीं अधिक बड़ी है, इमाम ख़ुमैनी ने विलायते फ़क़ीह की थ्योरी को समाज में जारी करके दिखाया और उनका मानना था कि विलायते फक़ीह को समाज में अमल में लाया जा सकता है वह फ़रमाते थे कि विलायते फ़क़ीह केवल धार्मिक कार्यों तक ही सीमित नहीं है बल्कि एक इस्लामी समाज में फ़क़ीह को वह सारे अख़्तियार हासिल हैं जो एक मासूम इमाम (अ) को हासिल होते हैं और यहीं विलायते मुतलक़े फ़क़ीह है।
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