कश्मीर से बहरीन तक जुमे की नमाज़ पर पाबंदी
दुनिया में मुसलमानों के हालात कहीं भी सही नहीं दिख रहे हैं एक तरफ़ कश्मीर में बीजेपी शासित सरकार आरएसएस के नक़्से कदम पर चलते हुए मुसलमानों पर कहर बहपा रही है और कश्मीर हिंसा में अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है तो घायलों की सही संख्या का पता ही नहीं है और दूसरी तरफ़ वहाबी विचारधारा से प्रभावित आले ख़लीफ़ा सरकार की बहरीन में दमनकारी नीतियां जारी है।
मुसलमानों के विरुद्ध सरकारों की दमनकारी नीतियां का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक तरफ़ कश्मीर में बीजेपी शासित मोदी सरकार ने जुमे की नमाज़ पर पाबंदी लगा रखी है तो दूसरी तरफ़ आले ख़लीफ़ा सरकार ने बहरीन में नमाज़े जुमा पर पाबंदी लगा रखी है।
आले ख़लीफ़ा सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदी के बावजूद बहरीन के मुसलमानों ने मस्जिदे इमाम सादिक़ (अ) में जुमे की नमाज़ अदा की।
प्रशासन की तरफ़ से लगाई गई पाबंदी के बावजूद मस्जिदे इमाम सादिक़ के साथ साथ पूरे देश में जुमे की नमाज़ पढ़ी गई।
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