हिज़्बुल्लाह कमांडर की मुखबिरी किस ने की?
लेबनान ने एक समाचार पत्र ने हिज़्बुल्लाह के कमांडर मुस्तफ़ा बदरुद्दीन की हत्या के इत्तेफ़ाक़ी होने का इन्कार करते हुए उनकी उपस्थिति के सटीक ठिकाने के बारे में मुख़बिरी करने वाले के बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की है।
टीवी शिया लेबनान के समाचार पत्र अलदयार ने अपनी रिपोर्ट में लिखाः अगरचे बहुत से लोगों के मानना है कि हिज़्बुल्लाह के शहीद कमांडर को इत्तेफ़ाक़न निशाना बनाया गया है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है, तो आख़िर वह कौन है जिस ने उनकी उपस्थिति के स्थान के बारे में इतनी सटीक मुख़बिरी की कि हिज्बुल्लाह के यह वरिष्ठ कमांडर तोप के पहले गोले में ही मारा गया?
इस समाचार पत्र ने शहीद बदरुद्दीन के बारे में मुख़बिरी करने वालों की तरफ़ इशारा करते हुए लिखाः कहा जा रहा है कि अगर इस्राईल के ख़फ़िया विभाग ने उनकी उपस्थिति को मानीटर किया होता को उनकी हत्या करने में एक मिनट की भी देरी न लगाते जैसा कि उन्होंने हिज़्बुल्लाह के एक दूसरे कमांडर समीर कन्तार की हत्या में किया था, और इस कार्य के लिये इस्राईल के हाथ खुले हुए थे।
दूसरी तरफ़ दमिश्क के सुरक्षा और सैन्य हल्क़े इस हत्या में जार्डन और तुर्की के ख़ुफ़िया विभाग की आपसी सहभागिता और सऊदी अरब के हाथ होने की बात कर रहे हैं, अगरचे इस प्रकार के अभियान में इस्राईल के हाथ होने की संभावना को बहुत ही गंभीरता से लिया जा रहा है लेकिन ऐसा लगता है कि इस बार इस हत्या में इस्राईल सीधे तौर पर समिलित नहीं था, लेकिन इन सबके बावजूद शहीद बदरुद्दीन की हत्या में सबसे बड़ी जीत इस्राईल की हुई है।
बदरुद्दीन की हत्या ने ने दिखा दिया है कि सीरिया में सक्रिय अरबी और क्षेत्रीय ख़ुफिया विभाग अब केवल सीरियाई सरकार के समर्थक लड़ाकों के बारे में ही जानकारियां नहीं इकट्ठा कर रही हैं बल्कि वरिष्ठ कमांडरो की मुख़बिरी और उनकी हत्या में भी सक्रिय हैं।
संक्षेप में यही कहा जा सकता है कि अगरचे यह कहा जा रहा हो कि इस हत्या में इस्राईल की कोई हाथ नहीं है लेकिन इस हत्या के तुरंत बाद इस्राईल के टीवी चैनल पर नई हिट लिस्ट का जारी किया जाना और हिज़्बुल्लाह से इस्राईल की पुरानी शत्रुता इस बात का सबूत है कि इस हत्या के सबसे अधिक लाभ इस्राईल और सऊदी अरब, क़तर, एवं तुर्की जैसे आतंकवाद के समर्थक देशों को होने वाला था।
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