ईशनिंदा के आरोप में दाइश के सात साल के बच्चे को दी मौत की सज़ा
आतंकवादी संगठन दाइश ने सीरिया के रिक़्क़ा शहर में एक सात साल के बच्चे को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सज़ा दे दी।
टीवी शिया रिक्का शहर के स्थानीय सूत्रों ने स्पोर्टनिक न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए कहा कि आईएस के गुर्गों ने कुछ दिन पहले मआज़ हसन नाम के एक बच्चे को गिरफ़्तार किया है को अपने साथियों के साथ खेल रहा था और जिसने खेल खेल में ईश्वर को बुरा कहा था।
दाइश की धार्मिक अदालत ने भी इस्लाम के उसूलों के विरुद्ध इस सात साल के बच्चे को मौत की सज़ा दिये जाने की सज़ा सुनाई, स्पष्ट रहे कि इस्लाम में किसी नाबालिग़ को उसके कार्यों का जि़म्मेदार मानते हुए उसे सज़ान हीं दी जा सकती।
आतंकवादी संगठनों और सशस्त्र गुटों के विश्लेषक उमर बदरुद्दीन ने स्पोर्टनिक को बताया कि दाइश का यह कार्य उसमें फूट डाल सकता है जिसके कारण इस गुट को और भी बुरे दिन देखने पड़ सकते हैं
उन्होंने कहा कि इससे पहले तक दाइश ने सदैव प्रयत्न किया था कि अपने सारे कुकर्मों और अपराधों को इस्लाम का चोला पहनाए रखें लेकिन इस सात साल के बच्चे को मौत की सज़ा दिये जाने के बाद इराक़ और सीरिया में सक्रिय इस गुट के बहुत से सदस्यों की आत्मा जागेगी और वह एक बार फिर दाइश के बारे में सोचेंगे।
उन्होंने कहा कि सारी दुनिया को कोशिश करनी चाहिये कि लोग दाइश के इस अपराध के बारे में जानें और हर धर्म की शिक्षा के विरुद्ध किये गए इस कार्य पर उनकी निंदा करें, क्योंकि इस गुट के साथ अभी भी कुछ ऐसे लोग जुड़े हुए हैं जिनकी इंसानियत अभी मरी नहीं है और बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो यह समझते हैं कि दाइश इस्लाम के लिये संघर्ष कर रहा है, और अगर हम उनके इस कुकर्म को लोगों के सामने लाएं तो इस प्रकार के लोग उनसे दूर हो सकते हैं।
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