चेहलुम के अवसर पर बनने वाले रिकार्ड और गिनीस बुक की अंनदेखी का राज़
1. दुनिया का सबसे बड़ा जमावड़ा (60 देशों के दो करोड़ से अधिक लोग पहुँचे)
2. दुनिया की सबसे बड़ी पैदल यात्रा (400 मील)
3. दुनिया का सबसे बड़ा दस्तरख़ान (30 किलोमीटर का)
4. इस्लामी दुनिया की सबसे बड़ी नमाज़े जमाअत (30 किलोमीटर की)
5. स्वंय सेवकों की तरफ़ से दुनिया की सबसे बड़ी और फ़्री सेवाएं (श्रद्धालुओं के लिये, आराम करने के स्थान, टेलीफोन, मसाज़, खाना पीना, सुरक्षा ....)
6. एक साथ एक स्थान पर दुनिया के सबसे अधिक धर्मों का इकट्ठा होना (शिया, सुन्नी, यहूदी, ईशाई, बौद्ध, ज़रतुश्ती....)
इराक़ के पूर्व परिवहन मंत्री आमिर अब्दुल जब्बार इस्माईल ने गिनीस के अधिकारियों को निमंत्रण दिया है कि वह कर्बला आएं और चेहलुम के अवसर पर बनने वाले वर्ल्ड रिकार्डों को गिनीस में स्थान दें।
उन्होंने अपने लेख में 9 ऐसे रिकार्डों के पारे में बयान किया है जिनको गिनीस में स्थान दिया जाना चाहिए, इन रिकार्डों को हम आपके सामने पेश कर रहे हैं।
1. लाखों श्रद्धालुओं का लंबी दूरी तक पैदल चलते हुए कर्बला पहुँचना, अगरचे इस श्रद्धालुओं के बारे में सटीक आंकड़े मौजूद नहीं हैं लेकिन पिछले सालों में हुए शोधों से पता चला है कि चेहलुम की पैदल यात्रा में डेढ़ से दो करोड़ लोग समिलित होते हैं। जो एक रिकार्ड है
2. खाने पीना, आराम स्थल, डाक्टरी सेवाएं सोने के स्थान ... आदि वह सेवाएं हैं जो सारे श्रद्धालुओं के फ़्री दी जाती हैं और यह एक रिकार्ड है।
3. खाने के लिये दुनिया का सबसे बड़ा दस्तरख़ान बिछाया जाता है जो एक रिकार्ड है।
4. रास्ते में जितने कैंप लगाए जाते हैं वह रिकार्ड है, इन कैंपों के बारे में सटीक आंकड़े मौजूद नहीं हैं लेकिन एक विशेष समय में एक विशेष मार्ग पर दुनिया में कभी इतने कैंप नहीं लगाए गये।
5. अरबईन (चेहलुम) की पैदल यात्रा स्वंय एक रिकार्ड है जो दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक गतिविधि मानी जाती है, जिसमें श्रद्धालु दुनिया की सबसे बड़ी पैदल यात्रा करते हुए कर्बला पहुँचते हैं।
6. चेहलुम के अवसर पर अज़ादारी, गिनीस में शामिल किया जाने वाला एक रिकार्ड है, संसार में किसी भी दूसरे के लिये इतनी बड़ी संख्या में एक स्थान पर एकत्र हो कर लोगों ने इस प्रकार की अज़ादारी नहीं की है।
7. पैदल यात्रा में घटने वाली बहुत सी घटनाएं जो अपने आप में एक रिकार्ड है जैसे एक 85 साल की महिला का 1000 से अधिक किलोमीटर की पैदल यात्रा करना आदि।
इन सारे रिकार्डों और निमंत्रण के बावजूद गिनीस बुक का कोई भी अधिकारी इस बात का सत्यापन करने के लिये इराक़ नहीं पहुँचा जो दिखाता है कि वह नहीं चाहते हैं कि वास्तविक इस्लाम को दुनिया वाले देखें
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