ज़ायोनी सैनिकों ने निर्दोष फ़िलिस्तीनी महिला को गोली मारी

इस्राइली सैनिकों ने अतिग्रहित पश्चिमी तट के दक्षिणी भाग में अवैध ज़ायोनी बस्ती के निकट एक फ़िलिस्तीनी महिला को गोली मार दी।

यह घटना सोमवार को दक्षिणी बैतलेहम में एक चौराहे पर घटी। इस्राईली पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि इस महिला ने गश एत्ज़ियोन बस्ती के निकट एक इस्राइली सैनिको को छुरा घोंप दिया था जिसके बाद उसे गोली मारी गयी। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार इस ज़ायोनी सैनिक को मामूली घाव लगा।

ज़ायोनी शासन की ओर से मस्जिदुल अक़्सा के अनादर के बाद अतिग्रहित पश्चिमी तट में इस्राइली सैनिकों और फ़िलिस्तीनियों के बीच हाल में शुरु हुयी झड़पों के साथ ही अवैध अधिकृत इलाक़ों में निहत्थे फ़िलिस्तीनियों पर ज़ायोनियों के हमलों में वृद्धि हो गई है।

पिछले कुछ हफ़्तों के दौरान मस्जिदुल अक़्सा के परिसर में फ़िलिस्तीनी श्रद्धालुओं और इस्राईली सैनिकों व अवैध कालोनियों में रहने वाले ज़ायोनियों के बीच झड़पों के दृष्य देखने में आए हैं। तेल-अवीब, इस पवित्र स्थल से फ़िलिस्तीनियों को दूर रखने के लिए विभिन्न प्रकार की साज़िशें रच रहा है।

मस्जिदुल अक़्सा, बैतुल मुक़द्दस शहर के प्राचीन भाग में स्थित है और इसकी स्थिति इस समय विस्फोटक बनी हुयी है। यह मुसलमानों का मक्के में मस्जिदुल हराम और और मदीना की मस्जिदुन नबी के बाद तीसरा सबसे बड़ा पवित्र स्थल है। यहूदी मस्जिदुल अक़्सा के परिसर को जिसे वह टेम्पल माउंट कहते हैं, सबसे पवित्र स्थल मानते हैं।

हालांकि विश्व के अधिकांश देश और संयुक्त राष्ट्र संघ फ़िलिस्तीन की भूमि पर बस्तियों के निर्माण को अवैध मानते हैं किन्तु इसके बावजूद भी इस्राईल नई बस्तियों का निर्माण जारी रखे हुए है। पिछले महीने इस्राईल ने पश्चिमी तट में अतिग्रहित फ़िलिस्तीनी भूमि पर 78 नए घर बनाने की योजना का एलान किया।

1967 में पश्चिमी तट और पूर्वी बैतुल मुक़द्दस के इस्राईल द्वारा अतिग्रहण के बाद से 5 लाख से ज़्यादा इस्राईली 120 से ज़्यादा अवैध बस्तियों में बसाए गए हैं।

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