इस्राईल मस्जिदुल अक़सा हथियाने के प्रयास मेः आयतुल्लाह ख़ामनेई
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अमरीका और साम्राज्यवादी यूरोपीय देशों ने परमाणु मामले में इस्लामी गणतंत्र ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर करने के लिए भरपूर प्रयास किया किंतु उनका प्रयास विफल रहा।
आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने मंगलवार को इस्लामी धर्मगुरुओं की दृष्टि में तकफ़ीरी चरमपंथ का ख़तरा शीर्षक के साथ आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वालों से मुलाक़ात में इसी प्रकार हालिया वर्षों में तकफ़ीरी विचारधारा के पुनः फैलाव को इस्लामी जगत के लिए साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा तैयार किया गया हथकंडा बताया और कहा कि दुष्ट तकफ़ीरी टोले की गतिविधियां ज़ायोनी शासन सहित साम्राज्यवादी शक्तियों के हितों के दायरे में आगे बढ़ रही हैं जिसका लक्ष्य फ़िलिस्तीन जैसे प्रमुख मुद्दे और मस्जिदुल अक़सा के विषय से लोगों का ध्यान हटाना है।
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने इराक़ में आतंकी संगठन आईएसआईएल के लिए अमरीकी विमानों से बार-बार सामरिक उपकरणों की खेप गिराए जाने का हवाला देते हुए कहा कि अमरीकी विदित रूप से आईएसआईएल के विरुद्ध गठबंधन तैयार करने का दावा करते हैं जबकि यह सरासर झूठ है, इस गठबंधन का असली लक्ष्य मुसलमानों के बीच युद्ध की आग भड़काना है किंतु वे अपने इस लक्ष्य में सफल नहीं हो पाएंगे।
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