ईरान में तकफ़ीरी ख़तरे और बचाव के रास्तों पर आधारिक सम्मेल शुरू 250 से अधिक विद्वान पहुँचे


(ईरान) टीवी शिया ईरान के पवित्र धार्मिक शहर क़ुम इस समय दो दिन का विश्वस्तरीय सम्मेलन चल रहा है जिसका शीर्षंक “दुनिया और मुसलमानों के लिये तकफ़ीरियों का ख़तरा और उससे बचाव के रास्ते” है जिसका लक्ष्य दुनिया वालों के सामने तकफ़ीरी वहाबियों का वास्तविक चेहरा लाना है।

सैय्यद मेहदी अलीज़ादे मूसवी ने इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के अवसर पर कहाः तकफ़ीरियों के वास्विक चेहरे को सामने लाने के लिये एक किताब प्रकाशित की गई है जिसका शीर्षक "कारशिनासी तकफ़ीरी" है इसमें 300 से अधिक पुस्तकों के बारे में संक्षिप्त रूप से बताया गया है जिनमें तकफ़ीरी विचारधारा की वास्तविक्ता जो बयान किया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से हम दुनिया के विभिन्न कोनों में तकफ़ीरी वहाबियों के बढ़ते हुए प्रभाव और आतंक को देख रहे हैं जिसके कारण हमने आवश्यक समझा है कि दुनिया के सामने इनका वास्तविक चेहरा पेश किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के पहले तीन चरणों में आरम्भिक स्तर की बैठकें हुईं है जिसमें सबसे पहली बैठक सीरिया में हुई जिसमें इस्लामी दुनिया के 120 विद्वान समिलित हुए, दूसरे चरण की बैठक पाकिस्तान में हुई जिसमें इस्लामी दुनिया के 250 विद्वानों विशेष कर सुन्नी विद्वानों ने शिरकत की, और तीसरे चरण की बैठक इराक़ में हुई जो इस समय तकफ़ीरी विचारधारा पर आधारित आतंकवादी संगठन दाइश का दंष झेल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय इस्लामी दुनिया के 80 से अधिक विद्वान इस सम्मेलन में पहुँचे हैं जिनमें एक बड़ी संख्या सुन्नी विद्वानों की है।

उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन से हमारा लक्ष्य लोगों के सामने तकफ़ीरी विचारधारा की वास्तविक्ता को लाना और उससे निपटने का तरीक़ा बताना और इन तकफ़ीरी वहाबियों के विरुद्ध एक संयुक्त एलान जारी करना है।

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