इस्राईली हमलों से तंग फ़िलिस्तीनियों ने शुरू की जवाबी कार्यवाही
फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधकर्ताओं की शहादत प्रेमी कार्यवाही से पूरे इस्राईल में हंगामा मच गया है। अतिग्रहित क़ुद्स के हारनोफ़ मुहल्ले में स्थित ज़ायोनी उपासना स्थल सिनेगॉग में दो फ़िलिस्तीनियों की शहादत प्रेमी कार्यवाही में 7 ज़ायोनी मारे गए और 13 अन्य घायल हुए। आक्रमणकारी फ़िलिस्तीनियों की पहचान 27 वर्षीय ग़स्सान अबु जमल और 22 वर्षीय उदय अबु जमल बतायी गयी है। ज़ायोनी टीवी चैनल वन ने बताया कि क़ुद्स में होने वाले हमलों को जबले मुकब्बिर इलाक़े के दो फ़िलिस्तीनियों ने अंजाम दिया था।
इस कार्यवाही में ज़ायोनी शासन की शास पार्टी का एक सदस्य भी मारा गया। सूत्रों का कहना है कि फ़िलिस्तीनी आक्रमणकारियों में से एक बंदूक़ से लैस था जबकि दूसरे के हाथ में गंड़ासा था। हमले में बचे एक इस्राईली का कहना है कि हमलावर भेड़ बकरियों की भांति लोगों को काट रहे थे। अल आलम टीवी चैनल ने रिपोर्ट दी है कि इस्राईली सैनिकों ने शहादत प्रेमी कार्यवाही करने वाले फ़िलिस्तीनियों के घर पर हमला करके उनके माता पिता को गिरफ़्तार कर लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कार्यवाही के बाद इस्राईली सैनिकों ने ग़स्सान अबु जमल और उदय अबु जमल के घर पर जब हमला किया तो वहां मौजूद लोगों से झड़पें हो गयीं।
सूत्रों का कहना है कि शहादत प्रेमी इस कार्यवाही में तौरेत मूसा नामक धार्मिक स्कूल का प्रमुख और प्रसिद्ध यहूदी धर्मगुरू मूशे तब्ररंस्की भी मारा गया। फ़िलिस्तीनी इन्फ़ारमेश्न सेन्टर ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि इस्राईली सैनिकों ने शहादत प्रेमी कार्यवाही करने वाले फ़िलिस्तीनी जियालों के घरों पर हमला कर दिया जिसके दौरान वहां मौजूद फ़िलिस्तीनियों से उनकी झड़पें हो गयीं।
इस्राईली सैनिकों ने फ़िलिस्तीनियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोल फ़ायर किए और रबड़ की गोलियां चलाई। इस्राईली सैनिकों ने इसी प्रकार रिपोर्टिंग के लिए खड़े पत्रकारों पर भी हमला किया। इस्राईली सैनिकों ने जबले मुकब्बिर क्षेत्र का प्रवेश द्वार गाड़ियों से बंद कर दिया और यहां के स्थानीय स्कूलों को भी बंद करने का आदेश जारी कर दिया। दूसरी ओर फ़िलिस्तीनियों की प्रतिरोध समिति ने इस बात की घोषणा करते हुए कि क़ुद्स में इन्तेफ़ाज़ा आरंभ हो गया है, कहा कि यह इन्तेफ़ाज़ा रुकने वाला नहीं है। फ़िलिस्तीनी की प्रतिरोध समिति की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए इन्तेफ़ाज़ा आरंभ हो गया है और दुनिया की कोई भी शक्ति इसे नहीं रोक सकती।
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