ISIS के ख़तरे के बारे में इमाम अली की भविष्यवाणी


हज़रत अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ) ने 1400 साल पहले ही तकफ़ीरी वहाबी आतंकवादी गुट आईएसआईएस के अस्तित्व में आने की सूचना दे दी थी और फ़रमाया थाः

"إذا رأيتم الرايات السود فالزموا الأرض ولا تحرکوا أيديکم ولا أرجلکم ثم يظهر قوم ضعفاء لا يُوبه لهم قلوبهم کزُبَر الحديد هم أصحاب الدولة لا يفون بعهد ولا ميثاق يدعون إلى الحق وليسوا من أهله "أسماؤهم الکنى ونسبتهم القرى” حتى يختلفوا فيما بينهم ثم يؤتي الله الحق من يشاء..."

अनुवादः जब तुम काले झंडों को देखो तो अपने स्थान से न हिलो (और उनके निमंत्रण पर कान न धरों और उनकी सहायता न करे) उसके बाद एक कमज़ोर कम ज़ाहिर होगी जिनके दिल लोहे के बुरादे की भाति कठोर होंगें, वह किसी भी वादे को वफ़ा करने वाले नहीं है, वह सत्या की तरफ़ बुलाते हैं जब कि स्वंय हक़ से दूर हैं उनके नाम उपनाम और शहरों से संबंधित होंगे यहां तक कि उनसे बीच भूट पड़ जाएगी और ईश्वर हक़ वालों को ज़ाहिर करेगा। (शरहे एहक़ाक़ुल हक़, जिल्द 29, पेज 410)

कहा जा रहा है कि इमाम अली का यह कथन आतंकवादी संगठन ISIS पर चरितार्थ होता है जिनका झंडा काला है, उनके नाम उपनामों जैसे अबू मसअब, अबूल बरा आदि है और उनका संबंध शहरों की तरफ़ है जैसे अलबग़दादी, अलहर्रानी... आदि।

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