आशूर के दिन तुवैरिज जुलूस में 30 लाख लोग आतंकवादियों से मुक़ाबले की निशानी के तौर पर आर्मी ड्रेस पहनेंगे
700 अंजुमनें इस जुलूस में शरीक होंगी जिनमें समिलित होने वाले लोगों की संख्या 30 लाख होगी और यह लोग सैन्य ड्रेस पहनेंगे ताकि इस प्रकार धर्मगुरुओं को यह दिखा सकें कि वह आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से लड़ने के लिये तैयार हैं।
टीवी शिया कर्बला मे इमाम हुसैन (अ) के पवित्र रौज़े की प्रबंधन कमेटी ने बताया है कि कर्बला और आस पास के क्षेत्रों से तुवैरिज के जुलूस में समिलित होने वाली सारी अंजुमने आतंकवादी संगठन ISIS से मुक़ाबले के लिये तैयार रहने की निशानी के तौर पर सैन्य कपड़े पहनेंगे।
हुसैनी अंजुमनों के सदर माज़न अल वज़नी ने बतायाः प्रोग्राम यह है कि 700 अंजुमनें इस जुलूस में शरीक होंगी जिनमें समिलित होने वाले लोगों की संख्या 30 लाख होगी और यह लोग सैन्य ड्रेस पहनेंगे ताकि इस प्रकार धर्मगुरुओं को यह दिखा सकें कि वह आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से लड़ने के लिये तैयार हैं।
स्पष्ट रहे कि तुवैरिज जुलूस इस दुनिया का सबसे बड़ा जुलूस माना जाता है जो हर साल आशूर के दिन कर्बला से दो किलोमीटर दूर स्थित कंतरा अल सलाम क्षेत्र से तुवैरिज शहर की तरफ़ से कर्बला में प्रवेश करता है।
इस जुलूस में लोगों की एक बड़ी संख्या इमाम हुसैन (अ) की "हल मिन नारिस यनसुरनी" की आवाज़ पर जवाब देने के लिये "लब्बैक या हुसैन" के नारे लगाती हुई कर्बला की तरफ़ आती है।
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