ह्यूमन राइट्स वॉच ने बहरैन में इमाम हुसैन (अ) से संबंधित निशानियों के अपमान पर आले ख़लीफ़ा की निंदा की+चित्र
बहरैन के मानवाधिकार संगठन की धार्मिक आज़ादी शाख़ा ने बताया है कि उनके पास आले ख़लीफ़ा के गुर्गों के माध्यम से बहरैन में सात क्षेत्रों में आशूरा की निशानियों को गिराये जाने की सूचना आई हैं
इस संगठन ने आले ख़लीफ़ा के इस घृणित कार्य की निंदा करते हुए कहाः आशूरा की निशानियों को निशाना बनाया जाना एक ख़तरनाक कार्य है जो दिखाता है कि कुछ लोग बहरैन में संकट और मानवाधिकों को हनन पर आग्रह कर रहे हैं।
संगठन ने आगे कहा है कि मोहर्रम और आशूरा का एव विशेष सम्मान है और बहरैन के लोग इसे सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहाः मजलिस करने वाले घरों को निशाना बनाया जाना, अलमों को गिराना और उनको फाड़ना यह धार्मिक आज़ादी का स्पष्ट रूप से हनन है और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहाः लोगों को धार्मिक कार्यों से रोकने, मजलिस करने और घरों पर अलम लगाने और जुलूसों को निकालने से रोकने के लिये कोई भी क़ानूनी बहाना आले ख़लीफ़ा के पास नहीं है, इस लियों हम इसको तुरन्त रोके जाने की मांग करते हैं।
नई टिप्पणी जोड़ें