कर्बला की ज़मीन पर क़ब्ज़े को लेकर शिया समुदाय का दिल्ली में प्रदर्शन + चित्र


नई दिल्ली। लोधी कालोनी स्थित कर्बला की जमीन पर क़ब्ज़ें को लेकर प्रदर्शन करने के लिए शिया समुदाय के लोग और अंजुमन-ए-हैदरी के दिल्ली कूच के आह्वान को देखते हुए दिल्‍ली की सीमाओं पर सुरक्षा का पहरा कड़ा रहा। दिल्‍ली को उत्‍तर-प्रदेश से जोड़ते सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस टीमें भारी संख्‍या में तैनात रहीं और कर्बला के यूपी से आ रही सभी बसों को यहां रोक दिया गया। इन बसों में सवार लोगों को दिल्‍ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

उधर, एहतियातन दिल्ली मेट्रो ने प्रदर्शन की आशंका के चलते रेसकोर्स, जोरबाग, और आईएनए स्टेशन बंद कर दिए थे। जिन्हें शाम 4.55 पर फिर से खोल दिया गया।

गौरतलब है कि शिया समुदाय के लोगों और अंजुमन-ए-हैदरी द्वारा दिल्ली कूच का आह्वान किया गया था। हालांकि दिल्‍ली हाईकोर्ट ने इस प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी, लेकिन पुलिस ने नागरिकों से अपील की थी कि वे वैकल्पिक मार्गों को चुनें।

जोरबाग स्थित करबला विवाद में शांति पूर्ण तरीके से गिरफ्तारियां देने वाले शिया समुदाय के लोगों ने छूटते ही नेशनल हाइवे -24 पर जाम लगा दिया।  

धरना दे रहे लोगों का आरोप है कि पुलिस ने उनके धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद समेत बड़ी संख्या में अन्य लोगों को गिरफ्तार कर रखा है। जब तक सभी को रिहा नहीं किया जाता वे अपना धरना जारी रखेंगे।

शिया धर्मगुरु ने समुदाय के लोगों से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का बहिष्कार करने और अमेठी व रायबरेली में उसे वोट नहीं देने की अपील की है। विवाद को सुलझाने की मांग लेकर जव्वाद और अंजुमन-ए-हैदरी ने शिया समुदाय से यूपी गेट से 11 मूर्ति तक मार्च का ऐलान किया था।

स्पष्ट रहे कि दिल्ली सरकार ने नाजाएज़ तौर से मयूर विहार की एक कर्बला की ज़मीन पर कम्युनिटी सेण्टर बनाने का फैसला किया है और जिसका विरोध करने पर चाहेल्लुम के दिन अजादारों पर पुलिस ने लाठी चार्ज , और आंसू गैस के साथ ही फायरिंग की थी।

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